वक्रासन क्या है, कैसे किया जाता है? इसके लाभ-फायदे और सावधानियां। Vakrasana benefits in hindi 


वक्रासन (Vakrasana) क्या है? 

आज की इस पोस्ट में हम जानने वाले है कि योगासनों में वक्रासन अपना क्या स्थान रखता है। वक्रासन को कैसे किया जाता है। इसके क्या लाभ और फायदे हैं। इसको करते समय क्या-क्या सावधानियां बरतें। साथ ही वक्रासन कब करना चाहिए कब नहीं और कितने समय तक करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं "Vakrasana benefits in hindi"

Vakrasana benefits in hindi


Vakrasana benefits in hindi

वक्रासन में वक्र का अर्थ है "टेढा" या मोड़ना भी कह सकते हैं अर्थात शरीर को किसी खास मुद्रा में रहकर मोड़ा जाता है ताकि शरीर को उस मुद्रा से लाभ पहुंचे इसीलिए इस आसन को "वक्रासन योगासन" के नाम से जाना जाता है। 

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वक्रासन खास करके डायबिटीज के रोगियों को काफी फायदेमंद माना जाता है साथ ही यह मानसिक तनाव को भी दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 


आधुनिक युग में एक ही आसन को करने के लिए बहुत से तरीके विख्यात हैं इसलिए जो आसन आपको जिस तरह से सुलभ और आसान लगे आप उस तरह से कर सकते हैं। 


वक्रासन योगासन करने की विधि 

वक्रासन मुद्रा दाईं ओर से 

1. वक्रासन करने के लिए दंडासन में यानिकी पैरों को सामने फैला कर सीधे बैठ जाते हैं। 

2. सीधे बैठे हुऐ दाहिने पैर को घुटनों से मोड़ लेते हैं। मोड़ते हुऐ जांघ के समीप लाते हैं। 

3. अब दाहिने हाथ को पीछे टिकाएं और बायें हाथ को उठाए और दाहिने घुटने से क्रॉस(overlap) करते हुए बाहिने पैर के घुटने को छूए। 

4. हाथों पर दबाव डालते हुऐ दाईं ओर मुड़ते हुए कंधे के ऊपर से पीछे की ओर देखते हैं। 

5. यहां तक की सब प्रक्रिया सांस को छोड़कर करना है और बाद में इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहे या फिर साँसों को बाहर छोड़कर भी कर सकते हैं। 

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6. कम से कम 15 से 30 सेकंड इस मुद्रा में रुकने के बाद कर्मानुसार वापस आ जाते हैं। 

7. इस तरह से वक्रासन का आधा चक्कर पूरा होता है  

8. पूरा चक्र करने के लिए वक्रासन मुद्रा को बाईं ओर से भी करेंगे। 


वक्रासन मुद्रा बाईं ओर से 


1. इसी तरह की प्रक्रिया बाईं ओर के लिए भी करेंगे। 

2. दोनों पैरों को सामने फैलाए, कंधे कमर सीधी रखें। 

3. सीधे बैठे बाहिने पैर को घुटनों से मोड़ लेते हैं और मोड़ते हुऐ जंघा के समीप लाते हैं। 

4. अब बाहिना हाथ पीछे टिकाएं, अब दाये हाथ को उठाए और बाहिने घुटने से क्रॉस(overlap) करते हुए दाहिने पैर के घुटने को छूए। 

5. यह सब प्रक्रिया सांस को छोड़कर करना है और बाद में इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहे। 

6. फिर 15 से 30 सेकंड इस मुद्रा में रुकने के बाद कर्मानुसार वापिस आ जाएं। 

7. इस तरह वक्रासन का एक चक्र पूरा हुआ। 

आप ऐसे ही 3 से 5 चक्र वक्रासन के कर सकते हैं जिससे इस आसन का पूरा लाभ मिल सके।


वक्रासन योगासन करने के लाभ और फायदे क्या है? 

वक्रासन पेट के लिए पीठ के लिए खासकर के डायबिटीज़ के लिए काफी महत्वपूर्ण आसान है। 

आसन करते वक़्त पेट में घुमाव आने से लिवर पैनक्रयाज आंतों का पूरा व्यायाम होता है। 

गर्दन और कमर दर्द में वक्रासन से लाभ मिलता है और साथ ही रीढ़ और कमर में लचीलापन लाने का काम करता है। 

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नाभि में स्थित सोयी हुई ऊर्जा दिमाग़ तक पहुंचने लगती है जिससे मष्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है जिससे मानसिक तनाव कम होता है। 

पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है भोजन पचने की क्षमता बढ़ती है जिससे कि पूरे शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होने लगता है। 

वक्रासन प्रतिदिन नियमित रूप से करते रहने से धीरे-धीरे पेट की चर्बी कम होने लगती है मोटापे में भी राहत मिलती है साथ ही खाना पचने में आसानी के साथ-साथ बेकार शरीर में फैली दूषित वायु का निष्कासन होने लगता है। 


वक्रासन योगासन करने में सावधानियां 

आसान को करते समय शरीर के प्रति जरूरत से ज्यादा जोर आजमाइश ना करे और ना ही जल्दी जल्दी आसान को करने का प्रयास करे। अन्यथा लाभ तो कुछ होगा नहीं और व्यर्थ समय और शारीरिक ऊर्जा की खपत होगी। 

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आसान को खाली पेट करे। सुबह के समय खाली पेट करे तो काफी अच्छा है 


वक्रासन के लिए विशेष क्या है?

जो लोग अर्धमत्सेन्दरासन करने में तकलीफ महसूस करते हैं उन्हें उसके वैरियंट के रूप में वक्रासन करना चाहिए। वक्रासन करने से अर्धमत्सेन्दरासन की भांति ही लाभ मिलते हैं। 

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वक्रासन के बाद कौनसा आसन करना चाहिए?

वक्रासन करने के बाद गोमुखासन, पश्चिमोत्तासन और जानू शीर्षासन कर सकते हैं। 

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वक्रासन करने से पहले कौनसा आसन करना चाहिए?

वक्रासन करने से पहले शशांकासन, वीरासन कर सकते हैं 


वक्रासन कितने समय तक या कितनी देर तक और कितनी बार करना चाहिए? 

सामान्यतः वक्रासन के लिए शुरुआती तौर पर लगभग पांच मिनट का समय पर्याप्त है एक बार आसान में एक्सपर्ट होने पर आप इच्छानुसार समय बढ़ा सकते हैं। अगर आप डायबिटीक पेशेंट है और आपको नियमित रूप से कमर दर्द रहता है तो आसान का समय 15 से 20 मिनट तक के लिए भी बढ़ा सकते हैं। 

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वक्रासन कितने मिनट तक करना चाहिए?

वक्रासन को आप 3 से 5 मिनट तक कर सकते हैं। आसान मे कुशल हो जाने पर योग्यतानुसार समय बढ़ाए। 


वक्रासन किसे नहीं करना चाहिए?/वक्रासन कब नहीं करना चाहिए?

अति गम्भीर रूप से कमर घुटने के दर्द वाले लोगों को आसान से परहेज करना चाहिए इसके स्थान पर उन्हें दूसरे हल्के आसन करने चाहिये। 

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वक्रासन कब करना चाहिए?

वक्रासन को सुबह या शाम के समय जब खाना खाए पांच घंटे का समय बीत चुका हो कर सकते हैं। साथ ही डायबिटीज़ के रोगियों को नियमित तौर पर करना चाहिए, हमेशा कमर में दर्द बने रहने की स्थिति में वक्रासन डेली रूटीन मे शामिल करे।