शशांकासन की माया पीठ-कमर दर्द को दूर भगाया शशकासन yoga in hindi
शशांकासन के बारे में
शशकासन क्या है?
आज की योग और प्राणायाम की पोस्ट में हम जानने वाले है कि शशांकासन योगासन कैसे करें । "शशांकासन की विधि" और "शशांकासन के फायदे" क्या है। शशांकासन योगासन को शशकासन योगासन के नाम से भी जाना जाता है। इंग्लिश भाषा में इसे 'Hare pose' या 'Rabbit pose' के नाम से भी जाना जाता है
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शशांकासन चित्र
शशकासन का अर्थ
शशक एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है खरगोश। इस आसन को करने वाला व्यक्ति इस आसन की पूर्ण रूपेण अवस्था में एक खरगोश की आकृति के समान दिखाई देता है। इसीलिए इस आसन को शशकासन बोला जाता है।
शशांकासन पेट, पिठ और डायबिटीज जैसी बीमारियों के लिए काफी अच्छा माना जाता है। शशांकासन मस्तिष्क के लिए भी काफी लाभदायक है। खास करके पीठ के दर्द और डायबिटीज़ के रोगियों को इस आसन अपने डेली रूटीन के योगासनों में जरूर शामिल करना चाहिए।
शशांकासन योगासन करने की काफी विधियां प्रचलित है जिन्हें आगे पोस्ट में दर्शाया गया है। इनमें से पहली विधि मुख्य है जो ज्यादातर लोगों द्वारा की जाती है।
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शशांकासन योगासन मुद्रा करने पहली विधि क्या है?
1. साफ सुथरी जगह पर चटाई या दरी बिछाकर दंडासन यानी कि दोनों पैरों को आगे फैला कर बैठ जाए।
2. कमर सीधी रखें अब दोनों पैरों को एक-एक करके घुटनों से मोड़ ते हुए कूल्हों के नीचे लगा ले।
पंजे अंदर की तरफ और एड़िया बाहर की तरफ रहेगी।
3. इस अवस्था में 2 से 3 लंबी-लंबी गहरी सांसे लीजिए।
4. दोनों हाथ घुटनों पर लगे रहें सांस भरते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाते हुए धीरे-धीरे सिर के ऊपर ले जाएं।
5. और अब सांस छोड़ते हुए नीचे झुकते चले जाएं और माथा कोनिया और हाथों को जमीन पर टिका दें।
6. कमर वाले हिस्से को पीछे की तरफ खींचे और हाथों को आगे की ओर खींचे। कुल्हों को जमीन से न उठने देने का प्रयास करें।
7. यथासंभव सांस रोकने का प्रयत्न करें या फिर धीरे-धीरे लंबी गहरी सांसे लेते रहें।
8. कम से कम 30 सेकंड इसी अवस्था में रुकने के बाद सांस भरते हुए ऊपर आए, साथ ही हाथ ऊपर की ओर आएंगे।
9. और फिर सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे लाते हुए घुटनो पर रख दे।
10. अब आपका शशांक आसन का एक चक्कर पूरा हुआ।
11. इसी प्रकार आप अपने सामर्थ्य के अनुसार 3, 5 या 7 जितने भी हो उतनी बार शशांक आसन कर सकते हैं।
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शशांकासन योगासन करने की दूसरी विधि
शशांकासन दूसरी विधि पहली विधि से इस प्रकार भिन्न हैं कि इसमें दोनों हाथों को ऊपर उठाने की बजाय, कमर के पीछे दाऐं हाथ को कलाई पर बाऐं हाथ से पकड़ लेंगे।
फिर पूरा प्रोसेस पहली विधि की तरह ही है।
हाथ पकड़े रहे हुऐ नीचे झुकना है, माथा जमीन से टिकाना है, ऊपर आना है, साँस लेते हुए ऊपर आना है।
आखिर में साँस छोड़ते हुए हाथ आगे ले आए, यह प्रक्रिया 3 से 4 बार तक आप कर सकते हैं।
शशांकासन योगासन करने की तीसरी विधि
तीसरी शशांकासन योगासन विधि में घुटनों को कंधों के बराबर खोल लेना है, दोनों हाथों को खोलकर घुटनों के बीच जमीन पर रखेंगे और दोनों हाथों को आगे सरकाते हुए ठुड्डी को जमीन से टीका देंगे।
और बाकी पूरा प्रोसेस पहली विधि की भाँति है।
शशांकासन योगासन करने की चौथी विधि
शशांकासन तीसरी विधि में दोनों हाथों को मुट्ठी बंद करके जमीन पर सामने की ओर रखेंगे और उस पर धीरे से आगे झुकते हुए माथे को टीका देंगे यह विधि उन लोगों के लिए लाभकारी है जिन लोगों का पेट बड़ा है।
बाकी का बचा तरीका पहली विधि की तरह ही होगा।
शशांकासन योगासन करने के लाभ और फायदे क्या है?
shashankasana benefits in hindi
हमेशा कमर और पीठ में दर्द बने रहने वाले लोगों के लिए शशांकासन काफी लाभ देने वाला आसन है यह पीठ को लचीला बनाता है और साथ ही डायबिटीज़ के मरीजों के लिए भी शशांकासन काफी फायदेमंद है।
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मस्तिष्क के रोगियों को भी शशांकासन से बहुत लाभ मिलने वाला है और साथ ही अनिद्रा की समस्या, क्रोध, बेचैनी, तनाव भी इससे कम होने लगते है।
पेट की गैस निकालने के लिए शशांकासन काफी फायदेमंद है और साथ ही दिल पर भी इसका काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है।
इस आसन से महिलाओं और पुरुषों में प्रजनन संबंधी समस्याओं में लाभ मिलता है और शरीर के ऊपरी अंगों में रक्त का प्रवाह बढ़ने से मस्तिष्क को पर्याप्त मात्रा में रक्त और आक्सीजन की आपूर्ति होने लगती है।
शशांकासन योगासन से संबंधित सावधानियां
पेट से संबंधित गंभीर रोग और उच्च रक्तचाप की स्थिति में इस आसन को न ही करें।
स्लिप डिस्क वाले रोगियों को ये आसन करने से मनाही की जाती है अन्यथा दर्द बढ़ सकता है।
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शशांकासन के लिए विशेष क्या है?
जिन लोगों को नियमित तोर पर पीठ दर्द बना रहता है उन्हें शशांकासन रोजाना करना चाहिए दर्द अधिक गंभीर होने पर डॉक्टर की सलाह से ही करें।
शशांकासन के बाद कौनसा आसन करना चाहिए?
शशांक आसन करने के बाद भुजंगासन, मंडूकासन किया जा सकता है।
शशांकासन से पहले कौनसा आसन करना चाहिए?
शशांकासन करने से पहले भी भुजंगासन को किया जा सकता है।
शशांकासन कितने समय तक या कितनी देर तक और कितनी बार करना चाहिए?
शशांकासन को शुरुआत में 40 से 60 सेकंड के एक चक्र के साथ तीन चक्र किए जाने चाहिए।
शशांकासन कितने मिनट तक करना चाहिए?
शशांकासन को करने के लिए आप लगभग तीन मिनट का समय ले सकते हैं। योग्यतानुसार समय बढ़ा सकते हैं।
▪️थायरायड की समस्या वाले लोगों के लिए फायदेमंद सर्वांगासन कैसे करें?
शशांकासन किसे नहीं करना चाहिए?/शशांकासन कब नहीं करना चाहिए?
पेट पीठ में गंभीर दर्द, उच्च रक्तचाप और स्लीप डिस्क में शशांकासन नहीं करना चाहिए।
शशांकासन कब करना चाहिए?
अगर आपको पीठ में हल्का फुल्का दर्द बना रहता है, मष्तिष्क मे तनाव, बेचैनी, गुस्सा तो आपको इन परिस्थितियों में शशांकासन रोजाना करना चाहिए। योग्यतानुसार आप शशांकासन की टाइमिंग भी बढ़ा सकते हैं।