मर्कटासन क्या है? मर्कटासन की विधि कैसे है और मर्कटासन के फायदे इन हिंदी।


मर्कटासन कौन सा योग है, मर्कटासन को करने की विधि क्या है? मर्कटासन के लाभ और फायदे क्या-क्या है? मर्कटासन करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और इससे जुड़े नुकसान व जरूरी बातें। Markatasana fayde, labh, vidhi, savdhaniya in hindi 


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मर्कटासन योगासन के बारे में 

आज के इस लेख में हम बात करने वाले हैं मर्कटासन योगासन के बारे में कि मर्कटासन क्या है इसे कैसे करते हैं? मर्कटासन से हमारे शरीर को क्या लाभ और फायदे पहुंचते हैं और इसको करते हुए हमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। मर्कटासन किसी भी उम्र के लोगों के द्वारा किया जा सकता है चाहे वो बच्चे हो बूढे हो जवान हो यह सभी के लिए उपयोगी है हमेशा पीठ दर्द से परेशान लोगों को मर्कटासन नियमित रूप से किया जाना चहिए मर्कटासन कमर दर्द में हाथों-हाथ आराम पहुंचाता है।   


मर्कटासन का चित्र 
मर्कटासन योग के फायदे
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मर्कटासन का अर्थ 

मर्कट शब्द का अर्थ होता है बंदर। जिस तरह से बंदर गुलाटियां लगाता है ठीक कुछ इसी प्रकार से ही इस आसन को करते वक्त हमारा शरीर ऐसा प्रतीत होता है इसीलिए इस आसन को मर्कटासन कहा जाता है।

अंग्रेजी में मर्कटासन को "spinal twist yoga pose" के नाम से जाना जाता है। 


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मर्कटासन की विधि, लाभ और फायदे।


मर्कटासन करने का तरीका/विधि क्या है?

मर्कटासन करने की पहली विधि 

1. जमीन पर कंबल या चटाई बिछाकर कमर के बल सीधे लेट जाएं। 

2. दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर अपनी ओर खिसकाते हुए एड़ियों को नितंबों के पास लाए।

3. दोनों हाथों को आंखों के सामने ऊपर की ओर उठाएं और फिर नीचे की ओर फैलाते हुए कंधे के समानांतर जमीन पर रख देंगे। हथेलियों की दिशा आसमान की ओर रहेंगी। 

4. अब लंबी गहरी सांस लीजिए और साँसों को रोक ले। 

5. सांस लेने के बाद दोनों पैरों को एक साथ दाहिनी ओर झुकाएंगे। 

6. ऐसा करते हुए दोनों घुटने,एड़ियां और पंजे आपस में मिले रहेंगे।  

7. पैरों के साथ-साथ गर्दन, चेहरे को बाहिनी ओर झुकाएंगे। 

8. अगर आसन की इस स्थिति में ज्यादा देर रुकते है तो धीमी गति के साथ श्वास-प्रश्वास ले सकते हैं। 

9. या फिर कुछ क्षण रुकने के बाद अब सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को वापस ऊपर उठा लेंगे। 

10. इसी प्रकार अब दोनों पैरों को श्वास भरने के बाद बाहिनी ओर झुकाएंगे। और गर्दन को दाहिनी ओर घुमाएं। 

11. कुछ क्षण रुकने के पश्चात फिर श्वासों को छोड़ते हुऐ दोनों पैरों को वापिस ऊपर उठा लेंगे। 

12. इस तरह मर्कटासन की पहली विधि पूरी होती है। 


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मर्कटासन करने की दूसरी विधि

1. मर्कटासन की दूसरी विधि में घुटनों और पंजों में लगभग एक से सवा फीट का फासला बनाएं। 

2. बाकी पूरी विधि आपको पहली विधि की भांति ही करनी है। 


मर्कटासन करने की तीसरी विधि 

1. जमीन पर कंबल या चटाई बिछाकर कमर के बल सीधे लेट जाएं। दोनों पैर सामने की ओर फैले हुए घुटने, एड़ी जमीन से लगे आपस में मिले हुए हो। दोनों पंजों को तना हुआ रखें। 

2. दोनों हाथ कंधों के समानांतर खुले हुए, हथेलियों की दिशा ऊपर की ओर रखें। 

3. श्वास भरते हुए दाहिने पैर को 90 डिग्री ऊपर उठाएं और उठाने के बाद जितना हो सके उसे बाईं ओर जमीन पर ले जाने का प्रयास करें। 

4. इसके साथ-साथ गर्दन को दाईं ओर घूमाएं। 

5. जितना हो सके दाहिने पैर को बाएं हाथ के पास ले जाने का प्रयास करें। 

6. कुछ क्षण आसन में रुकने के पश्चात श्वास छोड़ते हुऐ क्रमानुसार पैर को वापस ऊपर से लाते हुऐ पुन: प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं। 

7. अब इसी तरह से यही प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ करनी है। 

8. मर्कटासन का अभ्यास 3 से 5 बार तक किया जा सकता है। एक बार अभ्यस्त हो जाने पर मर्कटासन 10 से 15 बार तक कर सकते है। 


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मर्कटासन करने से लाभ और फायदे हिंदी में। 

  • मर्कटासन कमर के लिए विशेष रूप से उपयोगी होता है कमर दर्द को होने से रोकने के लिए कमर दर्द से बचने के लिए कमर दर्द को ठीक करने के लिए किया जाता है मर्कटासन कमर दर्द का एक स्थायी समाधान है। 
  • कमर मे झटका लगने कमर की अकड़न बहुत टाइट मसल्स झुकने में प्रॉब्लम पर मर्कटासन लाभकारी है 
  • पेट टाइट रहना, पेट में वायु प्रकोप में लाभ के साथ-साथ आंतों में भी जरूर खिंचाव आता है। 
  • पेट की नसों में भी राहत मिलती है। 
  • स्लीप डिस्क, सायटिका, टेढ़ी रीढ़ में भी मर्कटासन लाभकारी है 


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मर्कटासन करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए व धनुरासन से जुड़ी और भी बातें।

  • गम्भीर कमर रोग में डॉक्टर की सलाह से करे। 
  • गर्भावस्था के 2 महीने बाद से महिलाएं इस आसन को करना बंद कर दें। 
  • हर्निया से पीड़ित लोगों को आसन से परहेज करना चाहिए। 


मर्कटासन से जुड़े सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न


मर्कटासन के लिए विशेष क्या है?

मर्कटासन कमर से संबंधित रोगों के लिए विशेषत: उपयोगी है। इसलिए कमर से संबंधित कोई भी परेशानी होने पर मर्कटासन जरूर किया जाना चाहिए। गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह से करें। 


मर्कटासन के बाद कौनसा आसन करना चाहिए? 

मर्कटासन के बाद पवनमुक्तासन किया जा सकता है। 


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मर्कटासन करने से पहले कौनसा आसन करना चाहिए?

मर्कटासन योगासन करने से पहले धनुरासन योगासन करना उचित है इसीलिए मर्कटासन से पहले धनुरासन करें। 


मर्कटासन कितने समय तक या कितनी देर तक और कितनी बार करना चाहिए? 

मर्कटासन को शुरुआत में 3 से 5 बार तक किया जाना चाहिए। एक बार अभ्यस्त होने के बाद 10 से 15 बार तक कर सकते हैं। शुरुआत में इसके लिए तीन से चार मिनट तक का समय उपयुक्त है। अभ्यस्त होने पर क्षमतानुसार समय बढ़ाएं। 


मर्कटासन किसे नहीं करना चाहिए?/मर्कटासन कब नहीं करना चाहिए?

हर्निया रोग से पीड़ित लोगों को मर्कटासन नहीं करना चाहिए। कमर दर्द में गंभीर स्थिति होने पर डॉक्टर की सलाह से ही करें। 


मर्कटासन कब करना चाहिए?

कमर दर्द पीठ दर्द कमर में झटका झुकने में परेशानी होना आदि कमर से संबंधित तकलीफों में सुबह-शाम खाली पेट मर्कटासन किया जाना चाहिए। 


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मर्कटासन कैसे होता है?/ मर्कटासन की स्तिथि बताएं?/मर्कटासन कौनसा है? 

मर्कटासन में शरीर को कमर के बल लेटकर पैरों को घुटनों से मोड़कर दाएं बाएं एक नियमानुसार किया जाता है ऐसा करते हुए शरीर की आकृति गुलाटी खाते हुए बंदर के समान सी होती है इसीलिए इस आसन को मर्कटासन कहा जाता है


मर्कटासन से कौनसी बीमारी दूर होती है?

कमर से संबंधित किसी भी बीमारी में मर्कटासन को नियमित रूप से करना चाहिए। 


मर्कटासन में किसकी आकृति बनती है? 

मर्कटासन में शरीर की आकृति गुलाटी खाते हुए बंदर के जैसे होती है। 


मर्कटासन के प्रभाव क्या है? 

मर्कटासन जिस दिन से शुरू किया जाता है कमर दर्द में हाथों-हाथ आराम दिलाता है।