सर्वांगासन योग इन हिंदी 

सर्वांगासन क्या है? 

सर्वांगासन= सर्व(सभी)+अंग+आसन 

सर्वांगासन योगासन करने से शरीर के सभी अंगों तक कुछ ना कुछ मात्रा में लाभ पहुंचता ही है, इसीलिए इस आसन को "सर्वांगासन योगासन" कहा जाता है। 

सर्वांगासन इमेज 

सर्वांगासन कैसे करते हैं?
Img src istockphoto.com


अर्थात सर्वांगासन योगासन करने से आप स्वस्थ

रहते हुए, सभी बीमारियों से दूर रहेंगे। इसीलिए नियमित तौर पर हमें सर्वांगासन योगासन करते रहना चाहिए। 

इस आसन में शरीर का सारा भार कंधों पर होता है तथा बाज़ुओं और सिर से बॉडी को ऊपर की ओर बैलेंस किया जाता है। 

सूर्य नमस्कार कैसे करें? ताकि कोई बीमारी पास भी ना फटके। 

भुजंगासन कैसे करें? पाएं चौड़ी छाती और मजबूत फेफड़े। 

वज्रासन कैसे करे? कहे कब्ज को बाय बाय। 

तिर्यक भुजंगासन कैसे करें? कमर दर्द का रामबाण इलाज। 


सभी के लिए फायदेमंद सर्वांगासन

सर्वांगासन को बच्चों से लेकर बूढे तक सभी आसानी से कर सकते हैं। (औरतों को सर्वांगासन योगासन क्यों करना चाहिए?) महिलाओं के लिए 

सर्वांगासन विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है, क्योंकि उन्हें आमतौर पर अनियमित मासिकधर्म जैसी शारीरिक स्थिति से गुजरना पड़ता है। 


सर्वांगासन योगासन कैसे करें? 

सर्वांगासन करने का तरीका(विधि) 

1. सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाएं। 

2. हाथों को जांघों के साथ जमीन से लगाकर रखे। हथेलियां जमीन से लगी हो। 

3. धीरे-धीरे सांसो को भरते हुए, टांगों को ऊपर उठाएं और शरीर को अर्धहलासन की मुद्रा में अर्थात पैरों को उठाते-मोड़ते(लगभग 160 डिग्री) हुऐ सिर के ऊपर ले आए। 

4. अब अपनी पीठ को हाथों से सहारा दे ताकि शरीर उसी अवस्था में ठहर सके। 

5. इस स्तिथि में कोहनियां मुड़ी हुई जमीन से लगी होंगी और हाथ शरीर का भार थामने के लिए कमर को सहारा देंगे। 

6. और पैरों को बिल्कुल सीधा 90 डिग्री में रखने का प्रयास करे। देखें कि धड़ और पैर एक सीध में हों।

7. पैरों के पंजों को ऊपर की ओर खींचते हुऐ सीधा रखने के लिए प्रयास करे। 

8. अब श्वास-प्रश्वास पर ध्यान केंद्रित करते हुए लंबी-लंबी और गहरी ले तथा दृष्टि नाभि पर रखे। 

9. यह प्रक्रिया आपको 30 सेकंड से 60 सेकंड के मध्य रखनी है। 

10. पैरों को नीचे लाने के लिए एक लंबी सी साँस भरिये और साँसों को छोड़ते हुए, हाथों से सहारा लेते हुए पैरों को नीचे ले आए। 

11. पैरों को नीचे लाते हुऐ सिर को जमीन से लगाए रखे, उठाने का प्रयास ना करे। 

12. अब आप सर्वांगासन का एक चक्र पूरा कर चुके हैं। 

सर्वांगासन योगासन कितनी बार करना चाहिए? 

13. सर्वांगासन का पूर्ण लाभ लेने के लिए ऐसे दो से तीन बार सर्वांगासन योगासन कीजिए। 


सर्वांगासन के क्या फायदे लाभ है? तथा सर्वांगासन के अद्भूत चमत्कार 

  • शरीर की लंबाई बढ़ाने के लिए:- सर्वांगासन थायरॉइड ग्रंथी और पीयूष ग्रंथी को सक्रिय कर शरीर के लिए उचित हार्मोंस के स्त्रावण में मदद करता है। 
  • इन ग्रंथियों के सही से कार्यरत रहने से शरीर कद वृद्धि करता है। 
  • खून का बहाव सिर की तरफ होने के कारण चेहरे की रोनक बढ़ाने में मददगार होता है। 
  • दमा में भी लाभदायक है। 
  • शरीर का मोटापन कम होता है। 
  • पाचन अंगों को सक्रिय कर डाइजेसन में लाभकारी होता है। 
  • श्वसन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है। 
  • हृदय की कार्यप्रणाली में सुधार होता है। 
  • मष्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ जाने के कारण दिमागी संतुलन बना रहता है जिससे मानसिक तनाव दूर रहता है। और बाल झड़ने जैसी समस्याओं में भी लाभ होता है। 

सावधानी और नुकसान तथा साथ ही सर्वांगासन योगासन कब नहीं करना चाहिए? 

क्योंकि सर्वांगासन सभी अंगों के लिए आसन है इसीलिए इस आसन के तुरंत बाद कुछ समय के लिए शवासन करना जरूरी है ताकि शरीर खुद को संतुलित कर सके। 

ध्यान रखे आसन को करते समय गर्दन पर अधिक दबाव न पड़े। 

कंधों, कोहनियों और सिर पर पूरे शरीर का दबाव व भार रहता है इन्हें किसी प्रकार की चोट ना लगे, इसलिए नीचे कोई मोटी चादर या चटाई अवश्य बिछाये। 

आसन करते वक़्त कुछ भी कठिनाई महसूस हो तो उसी समय विश्राम स्थिति में आ जाएं। 


सर्वांगासन किसे नहीं करना चाहिए? 

गर्दन व रीढ़ में चोट या अधिक दर्द की स्थिति में आसन से परहेज करे। 

कोई भी गम्भीर शारीरिक समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श अवश्य ले। 


सर्वांगासन किन-किन बीमारियों में लाभदायक है? 

थॉयराइड की समस्या से निजात दिलाने में कारगर है। 

कब्ज, दमा, तनाव, चेहरे पर पिम्पल्स जैसी परेशानियों में राहत मिलती है। 


सर्वांगासन करने के तुरंत बाद कौनसा आसन करें? 

सर्वांगासन करने के बाद कुछ समय के लिए शवासन और फिर मत्सयासन करने से इस आसन  के लाभ बढ़ जाते हैं। 


सर्वांगासन योगासन करने से पहले कौनसा आसन करें। 

सर्वांगासन योगासन करने से पहले सेतुबंध आसन, हलआसन और वीरासन, शवासन कर सकते हैं। ऐसा करने से आपकी गर्दन, भुजाओं, पैरों, कुल्हों तथा रीढ़ की मांसपेशियों खुल जाती है। फिर सर्वांगासन योगासन करने में आसानी होती है। 


सर्वांगासन योगासन कौनसा है? 

इस आसन में कंधों और हाथों के सहारे धड़ और पैरों को ऊपर उठाया जाता है तथा इसमें सभी शारीरिक अंगों का व्यायाम होता है, यही सर्वांगासन है।


सर्वांगासन योगासन का वीडियो

(vid src istockphoto.com)