मकरासन योग आसन क्या है? मकरासन योग आसन कैसे करें? इसकी विधि क्या है? और साथ ही मकरासन योग आसन के लाभ और फायदे क्या क्या है? और इससे जुड़ी सावधानियां व जरूरी बातें।
मकरासन क्या है?
योग और प्राणायाम की ब्लॉग पोस्ट में आपका स्वागत है आज की इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से हम जानेंगे वाले हैं कि मकरासन योगासन मुद्रा क्या है इसे कैसे किया जाता है साथ में ही इससे होने वाले फायदे, लाभ और सावधानियां क्या-क्या है व इस आसन से जुड़ी हुई और भी बहुत से जरूरी बातें हम इस पोस्ट के माध्यम से जाने वाले हैं तो चलिए शुरू करते हैं।
मकरासन चित्र
मकरासन योग की व्याख्या कीजिए?
मकरासन योग आसन आसान योग आसनों की श्रेणी में आता है। इस आसन को आप बिना कठिनाई से आसानी से कर सकते हैं और जहां इस आसन को आप जितना बिना कठिनाई के साथ कर सकते हैं वहां इस आसन के लाभ और फायदे उतने ही असीम है।
मकरासन में मकर एक संस्कृत शब्द है जिसका मतलब हिंदी में निकलता है मगरमच्छ और आसन यानी की मुद्रा अर्थात मकरासन का मतलब हुआ 'मगरमच्छ आसन'। इस आसन को करते समय हमारे शरीर की आकृति तालाब या समुंदर से बाहर निकल कर मुंह उठाकर धूप सेकते हुए बिल्कुल शांत मगरमच्छ की भांति हो जाती है इसीलिए इस आसन को मकरासन का नाम दिया गया है।
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इंग्लिश में इसे "crocodile pose" भी कहा जाता है।
मकरासन हमारे शरीर का तनाव और थकान को दूर करने के लिए बेहद ही कारगर तरीका है। साथ ही मेरुदंड से जुड़ी हुई परेशानियों को भी दूर करने में यह आसन बहुत फायदेमंद है आगे इस पोस्ट में हम इससे जुड़े हुए और भी लाभ और फायदे और मकरासन की विधि के बारे में चर्चा करेंगे।
मकरासन योगासन मुद्रा करने की विधि
1. सबसे पहले जमीन पर एक कंबल या चटाई बिछाकर उसके ऊपर उल्टे यानिकी की पेट के बल लेट जाएं पैरों के पंजे को पीछे की ओर खोलें।2. अब सिर को थोड़ा ऊपर उठाएं और अब अब दोनों हाथों को मुंह के दोनों ओर कोहनियों से मोड़ते हुए कोहनियों को जमीन पर रखेंगे।
3. और दोनों हाथों को खोलते हुए एक स्टैंड सा बनाते हुए दोनों हाथों के बीच में ठुड्डी को रखते हुए चेहरे को टिका देंगे।
दोनों कोहनियों के बीच थोड़ा सा फासला रखें फिर उतना ही फासला दोनों पैरों के बीच में भी रखें।
4. इस अवस्था में सामान्य रूप से सांस लेते हुए शांति का अनुभव करें।
5. फिर अगले कुछ क्षण बाद दोनों पैरों को बारी-बारी घुटनों से मोड़ते हुए एड़ी को कुल्हों से लगाने का प्रयास करेंगे।
6. सांस लेते हुए पैर को ऊपर उठाना है और फिर सांस छोड़ते हुए पैर को नीचे करना है फिर दूसरे पैर से यही क्रिया करनी है।
7. इस तरह दोनों पैरों से ये चक्र करते रहें कुछ क्षण तक यह क्रिया करने के बाद अब दोनों पैरों को एक साथ सांस भरते हुए उठाना है और एड़ियों को कुल्हो से लगाना है।
8. और फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को फिर जमीन पर लेकर आना है क्षमता अनुसार इस प्रक्रिया को करते रहें।
मकरासन योगासन करने के लाभ और फायदे क्या - क्या है?
- मकरासन मेरुदंड से संबंधित प्रॉब्लम सर्वाइकल सपोन्डिलाइटिस, स्लीप डिस्क आदि सभी गर्दन और कमर दर्द और पीठ के रोगों में काफी लाभदायक है।
- उच्च रक्तचाप की समस्या में भी इस आसान को करने से लाभ पहुंचता है।
- मकरासन फेफड़े के लिए भी लाभदायक है पैरो के ऊपर नीचे होने की प्रक्रिया के कारण फेफड़े खुलते हैं उनमें आक्सीजन धारण क्षमता बढ़ती है।
- पैरों की मांसपेशियां की मसाज होती है उनमें लचीलापन और मजबूती आती है।
- पाचन शक्ति दूर करने के साथ-साथ अनिद्रा की समस्या में भी फायदेमंद है।
- शरीर का रक्त संचार सही करता है साथ ही थकान होने पर रिलैक्स होने के लिए मकरासन बहुत अच्छा आसन है।
मकरासन योगासन से जुड़ी जरूरी बातें व सावधानियां
- हर्निया की बीमारी में इस आसन से दूर रहने की सलाह दी जाती है अन्यथा स्थिति और भी अधिक खराब हो सकती है।
- कमर गर्दन हाथों कोहानियों में किसी प्रकार की चोट होने पर आसन को नहीं करें
- प्रारंभ में धीमी धीमी सांसो के साथ मन को शांत और शरीर को शिथिल कर संपूर्ण शरीर में शांति का अनुभव करें
- शोर-शराबे वाली जगहों से दूर शांत और साफ माहौल में मकरासन का अभ्यास करें।