नमस्ते फ्रेंड्स हंसता मुस्कुराता हुआ चेहरा हर किसी को पसंद होता है और अक्सर जो लोग हंसमुख और खुशमिजाज होते हैं, वह अपने सामने वाले का भी मूड सही कर देते हैं 

हंसने से सभी प्रकार की बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है. भारतीय योग में भी हंसने का एक आसान है जिसे हास्यासन कहा जाता है 

आप जानते हैं हंसी दवा की तरह है, एक छोटी सी मउस्कान भी हमारे सारे तनाव को एक सेकंड में दूर कर सकती है। जब आप हंस रहे होते हैं तो आप तनाव, चिंता या किसी भी नकारात्मक चीज को महसूस नहीं कर सकते हैं, इसलिए यह हमारे दिमाग और हमारे शरीर के लिए सबसे अच्छी दवा है। तो चलिए आज इस लेख में हम आप सभी के साथ हिंदी में सबसे मजेदार तारीफ फनी शायरी शेयर करने जा रहे हैं। तो, यह एक मज़ेदार लेख होने जा रहा है, इसके लिए तैयार हो जाइए। वैसे हमने दोस्ती शायरी भी शेयर की है।

जब कभी हम अपने मित्रों के साथ होते हैं तो खूब जोक्स शेयर करते हैं और साथ में हंसते हैं। लेकिन क्या हुआ अगर आपका दोस्त आपके साथ नहीं है तो हो सकता है कि वो शहर से बाहर हो या किसी दूसरे देश में रह रहा हो और हमारे पास इतना समय नहीं है कि हम एक-दूसरे को बुला सकें और हंसी-मजाक कर सकें। चिंता न करें मैं आपको एक विचार देता हूं, उनके साथ कुछ मजेदार शायरी साझा करें और अगर आप उनके साथ नहीं हैं तो भी उन्हें हंसाए और इन मज़ेदार जोक्स तारीफ फनी शायरी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें। 



अर्ज किया है...वो तुम्हें Dp दिखाकर गुमराह करेगी,

मगर तुम अधार कार्ड पर अड़े रहना।

तारीफ फनी शायरी


अजब सी हालत है तरे जाने के बाद,

मुझे भूख लगती नहीं खाना खाने के बाद,

मेरे पास दो ही समोसे थे जो मैंने खा लिए,

एक तेरे आने से पहले, एक तरे जाने के बाद।


जिनके घर शीशे के होते हैं... वो तो.

कहीं पर भी बैठ कर दआढ़ी बना लेते हैं।


मोहब्बत हो गई है डाकू सुल्ताना के बेटी से,

न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये।


मेरा दिल भी ले गयी मेरा चैन भी ले गयी

हद हो गयी तब जब मैंने देखा... 

वो मेरा पाँच रूपये का पेएन भी ले गयी।


उसने कहा कि मुझे मोहब्बत की सजा दो,

मैंने जाके सब कुछ उसकी मम्मी को बता दिया


माना जल्दबाजी में शादी करके जीवन बिगाड़ लोगे,

सोच समझ कर करोगे तो कौन सा तीर मार लोगे।


पी लेंगे तुम्हारा हर एक आंसू,

कभी अपनी महफ़िल में बैठाकर तो देखो,

भाभी कहोगे तुम अपनी गर्लफ्रेंड को,

कभी हमसे मिलाकर तो देखो।


एक पत्नी के सुविचार:

काश तुम अदरक होते…

कसम से, जी भर के कऊटती।


दूध माँगोगे तो हम खीर देंगे,

दूध फट गया तो पनीर देंगे।


लैला की शादी में एक लफड़ा हो गया,

मजनू इतना नाचा कि लँगड़ा हो गया।


न तू छत पे आती न मैं दीवाना होता,

न तू पत्थर मारती न मैं काना होता।


वह बेवफा है तो क्या हुआ मत बुरा कहो उसको,

तुम मुझसे सेट हो जाओ दफा करो उसको।


जब घी सीधी उंगली से न निकले 

तो घी का डिब्बा गरम करलें...


हर चीज़ में ऊँगली डालना ज़रूरी नहीं होता। 

किसी का झूठा खाने से मोहब्बत बढ़ती है फ़राज़,

ये कह कर वो मेरा सारा हलवा खा गया।


जब सफेद साड़ी पे लाल बिंदी लगाती हो,

कसम से एम्बुलेंस नजर आती हो,


वो तो घायलों को लेकर जाती है,

और तुम घायल कर के जाती हो।


कैसे मुमकिन था किसी डॉक्टर से इलाज करना

अरे दोस्त इश्क का रोग था,

मम्मी के चप्पल से ही आराम आया।


तेरा प्यार पाने के लिए

मैंने कितना इंतज़ार किया,

और उस इंतज़ार में न जाने

कितनों से प्यार किया


यारो मेरे मरने के बाद आँसू मत बहाना,

ज़्यादा याद आए तो सीधे उपर ही चले आना


ये कह कर उन्होंने हमसे रिस्ता तोड़ दिया फ़राज़,

के मूंगफली में दाना नहीं और हम तुम्हारे नाना नहीं।


इश्क को सर का दर्द कहने वाले सुन

हमने तो ये दर्द अपने सर ले लिया,

हमारी निगाहों से बचकर वो कहाँ जायेंगे

हमने उनके मोहल्ले में ही घर ले लिया


कैसे मुमकिन था किसी दवा से इलाज़ ग़ालिब।

इश्क का रोग था माँ की चप्पल से ही आराम आया


शादी करनी थी पर किस्मत खुलती नहीं

ताज बनाना था पर मुमताज मिलती नहीं,

एक दिन किस्मत खुली और शादी हो गई

अब ताज बनाना है पर मुमताज मरती नहीं।


काला न कहो मेरे महबूब को,

काला न कहो मेरे महबूब को,

खुदा तो तिल ही बना रहा था,

स्याही का प्याला लुढ़क गया।


शाम होते ही मेरा दिल उदास होता है

टूटे ख्वाबों के सिवा कुछ न पास होता है,

तुम्हरी याद ऐसे वक़्त बहुत आती है

जब कोई बन्दर आस-पास होता है।


जिस तरह से पेड़ काटे जा रहे हैं वो दिन ज्यादा दूर नही,

जब हरियाली के नाम पर सिर्फ लड़कियां रह जायेगीं


ख़त लिखता हूँ खून से स्याही ना समझना,

किसी मरीज़ का सैंपल आया था मेरा न समझना


प्यार-मोहब्बत की भी अजीब सी कहानी है

इक टूटी हुई कश्ती, ठहरा हुआ पानी है,

इक फूल जो किताबों में दम तोड़ चुका है

साला याद नहीं आता किसकी निशानी है?


इस दुनिया में लाखों लोग रहते हैं,

कोई हँसता है तो कोई रोता है,

पर सबसे सुखी वही होता है,

जो शाम को दो पैग मार के सोता है।





फिजा में महकती शाम हो तुम

प्यार का पहला जाम हो तुम

और क्या कहें सनम तेरे बारे में

खर्चे का दूसरा नाम हो तुम।


ऐ खुदा हिचकियों में कुछ तो फर्क डाला होता,

अब कैसे पता करूँ कि कौनसी वाली याद कर रही है।


हम उसके इश्क में इस कदर चोट खाए हुए हैं,

कल उसके बाप ने मारा था आज भाई आये हुए हैं।


क्या मस्त मौसम आया है,

हर तरफ पानी ही पानी लाया है,

तुम घर से बाहर मत निकलना,

वर्ना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं

और मेंढक निकल आया है।


लड़कियों से प्यार न करना क्योंकि

ये दिखती हैं हीर की तरह,

लगती हैं खीर की तरह

दिल में चुभती हैं तीर की तरह,

और छोड़ देती हैं फकीर की तरह।


दो बातें हमेशा याद रखना,

मुश्किल से घबराना नहीं, 

सर्दियों में नहाना नहीं।


ए गुलाब अपनी खुशबू को

मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,

यह सर्दी के मौसम मे

अक्सर नहाया नहीं करते।


मैंने कहा दिलरुबा उसने कहा पैसे दिखा

मैं बोला पैसा नहीं है उसने कहा कैसे नहीं है

मैने कहा बहुत महंगाई है उसने कहा जा फिर तू मेरा भाई है।


तुझसे कैसे नजर मिलाएं दिलबर जानी,

तेरी दाई आँख कानी मेरी बाईं आँख कानी


मीठी मीठी यादों को पलकों पे सजा लेना,

साथ गुज़रे लम्हों को दिल में बसा लेना,

मैं तो बरसों का प्यासा हूँ, 'फराज़,

बिजली आ जाये तो याद से मोटर चला देना।


मेरी ख़ुशी के लम्हे इस कदर

 मुख़्तसर हैं फ़राज़,

अभी मुजरा शुरू ही हुआ था

के छापा पड़ गया।


वो ज़हर देकर मारते तो दुनिया की नज़र में आ जाते,

अंदाजे कत्ल तो देखो मोहब्बत करके हमसे शादी ही कर ली।


जब होता है तुम्हारा दीदार, दिल धड़कता है बार-बार,

आदत से मजबूर हो तुम, न जाने कब मांग लो उधार


पहली नजर में लगा वो मेरी है,

आँखें उसकी झील सी गहरी हैं,

प्रोपोज़ कर कर के थक गए हम,

अब पता चला वो तो बहरी है।


और भी चीजें बहुत सी लुट चुकी है दिल के साथ

ये बताया दोस्तों ने इश्क फरमाने के बाद

इसलिए कमरे की एक एक चीज़ चेक करता हूँ


एक तेरे आने से पहले एक तेरे जाने के बाद

कोई तोह बेवफाओं पे भी tax लगा दो यारों,

हम आशिको का भी थोड़ा मुनाफा बढा दो यारों

किसी की तो चार चार हैं और किसी की एक भी नहीं

इश्क को भी अब आधार कार्ड से लिंक करा दो य़ारो।


दोस्ती बुरी हो तो होने उसे मत दो,

 अगर हो गयी तो उसे खोने मत दो,

और अगर दोस्त हो सबसे प्यारा तो,

उसे चैन की नींद सोने मत दो।


मेरी प्रेम कहानी का क्या अजीब एंडिंग था,

मेरी प्रेम कहानी का क्या अजीब एंडिंग था,

मैंने प्रोपोज़ किआ SMS से,

कमबख्त वह उसकी शादी तक पेंडिंग था।


मैंने पूछा उनसे, भुला दिया मुझको कैसे..?

चुटकियाँ बजा के वो बोली, ऐसे, ऐसे, ऐसे


मत कर मेरे दोस्त हसीनों से मोहब्बत

वो तो आँखों से वार करती हैं...

मैंने तेरी वाली की आँखों में देखा है,

वो तो मुझसे भी प्यार करती है।


दिल की तमन्ना है कि तुझे पलकों पे बिठाऊँ...

.

.

पर तु 72 किलो की है

दिल को कैसे समझाऊं


मोहब्बत के चर्चे बहुत हैं यारों,

हुस्न के पर्चे बहुत है यारों,

मोहब्बत करने से पहले सोच लेना,

क्योंकि इसमें खर्चे बहुत है यारों।


आपकी स्माइल ने सारा सिस्टम हिला दिया,

कोमा से जागे मरीज को परमानेंट सुला दिया


हमने तो चारो तरफ पढ़ाई का माहौल बनाया है,

लेकिन फिर भी एग्जाम में अंडा ही आया है,


हम तो यूँ ही चल देते हैं बिना मुंह धोये ही एग्जाम में,

साले दोस्त कहते हैं ये तो बहुत पढ़के आया है।


किस किस का नाम लें अपनी बरबादी में,

बहुत लोग आये थे दुआएं देने शादी में।


आज कुछ शर्माए से लगते हो,

सर्दी के कारण कपकपए से लगते हो,

चेहरा आपका खिलखिलाये सा लगता है,

हफ्ते के बाद नहाए से लगते हो।


उसने जिस-जिस जगह रखे कदम,

हमने वो जमीन चूम ली,

और वो बेवफा घर आकर कहती है,

आपका लड़का मिट्टी खाता है।


उनकी मुस्कान तो एक अदा है,

जो उसे प्यार समझे वो सबसे बड़ा गधा है


समुन्दर से कह दो अपनी लहरों को समेट के रखे,

ज़िन्दगी में तूफान लाने के लिए घरवाली ही काफी है।


मत ढूँढ़ो मुझे दुनिया की तन्हाई में

ठंड बहुत है मैं यही हूँ अपनी रज़ाई में।


चूहे को लगी बिल्ली गोरी गोरी

दोनों मिलने लगे चोरी चोरी

चूहा बुलाया आओ खेलें आँख मिचोली

बिल्ली चूहे को खा कर बोली.


जब हम उनके घर गए...

कहने दिल से दिल लगा लो,

उनकी माँ ने खोला दरवाजा,

हम घवरा के बोले..

आंटी बच्चो को पोलियो ड्राप पिलवा लो।


फिजाओं के बदलने का इंतज़ार मत कर

आँधियों के रुकने का इंतज़ार मत कर

पकड़ किसी को और फरार हो जा

पापा की पसंद का इंतज़ार मत कर


कुछ बोलूं तो इतराते बहुत हो,

जानेमन तुम मुस्कुराते बहुत हो,

मन करता है तुम्हे दावत पर बुलाऊँ,

लेकिन जानेमन तुम खाते बहुत हो।


नजर न लग जाये आँखों में काजल लगा लो,

हम कहते हैं आँखों में काजल ही नहीं,

हो सके तो..

गले में नीबू मिर्ची चप्पल भी लटका लो


जब तिरछी नजरों से उन्होंने हमको देखा,

तो हम मदहोश हो गए

जब पता लगा उनकी नज़रें ही तिरछी हैं

तो हम बेहोश हो गए।



तारीफ के काबिल हम कहाँ

चर्चा तो आपकी चलती है...

सब कुछ तो है आपके पास,

बस सींग और पूंछ की कमी खलती है।


कदम -कदम पर हवा की आहट का ध्यान रखना,

मुश्किल समय में भी इस दोस्त को याद रखना,

हमारी यादों की खुशबू जरूर आएगी,

तुम बस अपनी नाक साफ़ रखना।


हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी, कि हर ख्वाहिश पे Rum निकले,

जी भर के कभी ना पी पाया, क्योंकि जेब में पैसे कम निकले।


न तू छत पे आती न मैं दीवाना होता,

 न तू पत्थर मारती न मैं काना होता।


जरा सी देर के लिए चारपाई पे लेटे थे फ़राज़,

मगर किसी उल्लू के पट्ठे ने जनाजा पढ़ दिया।