नमेस्कार हेलो दोस्तों ! आज हम लेकर आये है आपके लिए शायराना अंदाज़ में मस्त फनी शायरी जोक्स का पिटारा बॉक्स Funny Shayari Jokes पोस्ट जिन्हे आप पढ़ कर लोटपोट हो जाएगें और आप मस्ताने अंदाज में थिरकने लगेंगे तो चलिए पढ़ना शुरू करते है। फनी शायरी जोक्स
सखाओं हसना वो भी शायराना अंदाज़ में तो पढ़िए ख़ास हमारी फनी शायरी जोक्स आप भी हसे और अपनों को भी हसाये मस्त फनी शायरियो से तो अभी शेयर कर अपनों को WhatsApp Facebook टेलीग्राम इत्यादि पर हमारी मस्त मजेदार फनी शायरी।
हर तरफ पढाई का साया है;
किताबों मैं सुकून किसने पाया है;
लड़के तो जाते हैं ट्यूशन में लकड़ियां देखने;
और मास्टर कहता है देखो बेचारा इतनी बरसात में भी पढने आया है
इश्क में ये अंजाम पाया है,
हाथ पैर टूटे और मुंह से खून आया है,
होस्पिटल पहुंचा तो नर्स ने फ़रमाया,
बहारों फूल बरसाओ, किसी का मेहबुब 108 मे सवार हो आया है
एक पति की दर्द भरी शायरी
अर्ज किया है…
वो जहर देकर मारते तो,
दुनिया की नजर में आ जाते…
वो जहर देकर मारते तो,
दुनिया की नजर में आ जाते…
अंदाजे कत्ल तो देखो,
हमसे शादी ही कर ली…
अर्ज किया है,
वो मुड़ मुड़ कर देख रही थी हमें और हम उन्हें..
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वो मुड़ मुड़ कर देख रही थी हमें और हम उन्हें…
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क्योंकि एग्जाम चल रहा था ,और..
ना उन्हे कुछ आ रहा था,
ना हमे कुछ सूझ रहा था
अर्ज किया है,
गौर फरमाइए जरा…
फिजाओं में तुम हो, घटाओं में तुम हो…
हवाओं में तुम हो, बहारों में तुम हो…
धूप में तुम हो, छांव में तुम हो…
अब तुम ही बताओ मेरी जान,
क्या तुम किसी भूत-प्रेतों से कम हो
अर्ज किया है…
मेरे इश्क़ की बॉलिंग ने, उसके दिल का विकेट गिरा दिया…
पर तकदीर तो देखो, उसका बाप ऐम्पायर था,
मेरी बॉल को “नो बॉल” देकर, “फ्री हिट” बना दिया।
शादी के पहले मां ने बेटी को सलाह दी-
बेटी ध्यान रखना कि यदि पति पहली बार रूठे तो रब रूठे,
दूसरी बार रूठे तो दिल टूटे,
तीसरी बार रूठे तो जग छूटे,
और अगर बार-बार ही रूठता ही रहे तो..
निकाल डंडा मार साले को, जब तक डंड न टूटे..!
हसीनों से मिलें नज़रें अट्रैक्शन हो भी सकता है,
चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है,
हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना,
ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है..
कागज पर लिखी ग़जल बकरी चबा गई।
चर्चा पूरे शहर में हुआ कि बईकरी शेर खा गई
पती: तुम्हीं मेरी साधना हो,
तुम ही मेरी आराधना हो,
तुम ही मेरी कल्पना हो,
तुम ही मेरी कविता हो…!
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तो पत्नी भी भावुक होकर:
तुम ही मेरे रमेश हो
तुम ही मेरे दिनेश हो,
तुम ही मेरे महेश हो और
तुम ही मेरे गाँव वाले सुरेश हो…
दूर से देखा तो संतरा था,
पास गया तो भी संतरा था,
छिल के देखा तो भी संतरा था,
खा के देखा तो भी संतरा था।
वाह! क्या संतरा था।
उम्र की राह में जज्बात बदल जाते है।
वक़्त की आंधी में हालात बदल जाते है
सोचता हूं काम कर-कर के रिकॉर्ड तोड़ दूं।
कमबख्त सीलेरी देख के ख्यालात बदल जाते हैं
लहरों के साथ तो सभी चलते हैं..
लेकिन लहरों के विपरीत
चलने वाला ही महान बनता है
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..
यही बात मैंने ट्रैरफिक पुलिस को समझायी
उसने फिर भी चालान काट दिया।
अर्ज़ किया है:
वो कहती अपने भाइयों से, मेरे आशिक़ को यूँ ना पीटो;
ज़रा गौर फरमाइये:
वो कहती अपने भाइयों से, मेरे आशिक़ को यूँ ना पीटो;
बड़ा ज़िद्दी है ये कमीना, पहले कुत्तों की तरह घीसीटो।
एक विद्यार्थी की दास्तां..
अर्ज किया है :- चारों ओर “पढाई “का साया है ….
सारे पेपर में “जीरो”आया है …
हम तो यूं ही चल देते है,
बिना मुंह धोए एग्जाम देने…
और दोस्त कहते है,
साला रात भर पेढ़ के आया है।
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