अकबर बीरबल के चुटकुले

अकबर बीरबल के चुटकुले


रोज़े के दौरान एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल! कोई ऐसा तरीका बताओ कि मैं खाऊँ-पियूं भी और मेरा रोज़ा भी ना टूटे.

बीरबल ने कहा, “हुज़ूर! आप लोगों के लात-घूंसे खाइये और अपना गुस्सा पी लीजिये. आपका सब कुछ टूटेगा, किंतु रोज़ा नहीं.”

अकबर ये सोचते रह गए कि उन्होंने बीरबल से ये सवाल पूछा ही क्यों... 


एक दिन एक मुखबिर ने बादशाह को बताया कि

” सरकार बिलकुल आपकी शक्ल का एक धोबी

हमारे नगर में रहता है “—

बादशाह ने आदेश दिया कि

उसे दरबार में पेश किया जाये —

धोबी दरबार में हाजिर हुआ —

बादशाह धोबी को देखकर मुस्कुराया और पूछा —

“ क्या पहले कभी तुम्हारी माँ इस दरबार में काम करती थी —??”

धोबी :- नहीं सरकार —मेरे अब्बा हुजूर करते थे —-!!.


एक बार अकबर को मसखरी सूझी और उन्होंने बीरबल के जूते छिपवा दिये. बीरबल जब घर जाने को हुआ और उसे अपने जूते नहीं मिले, तो वह कुछ परेशान हो गया. तब अकबर ने बीरबल की चुटकी लेते हुए सेवकों हुए कहा, “बीरबल को दो जूते दिए जायें.”

बीरबल अकबर की टांग खिंचाई की आदत से वाकिफ़ था. वह अकबर के व्यंग्य बाण का अर्थ समझ गया. जब उसे जूते लाकर दिए गए, तो मुस्कुराते हुए वह बड़े ही अदब से बोला, “जहाँपनाह! आपने मुझे दो जूते दिए, भगवान आपको ऐसे हजारों जूते दे.” इतना कहकर वह वहाँ से निकल गया. इधर अकबर बीरबल के कही बात का मतलब निकालते रह गए.


एक बार अकबर और बीरबल दावत पर गए. वहाँ उन्हें बैंगन की सब्जी परोसी गई. अकबर ने बैंगन की सब्जी खाकर कहा, “वाह! कितनी स्वादिष्ट सब्जी है.”

बीरबल भी बैंगन की सब्जी के तारीफ़ों के पुल बांधने लगे.

कुछ दिनों बाद अकबर और बीरबल एक दूसरी दावत पर गए. वहाँ भी उन्हें बैंगन की सब्जी परोसी गई, जिसे देख अकबर नाक-भौं सिकोड़ने लगे. तब बीरबल ने बैंगन की सब्जी की जमकर बुराई की.

यह देख अकबर ने कहा, “बीरबल! तुम तो बड़े चापलूस निकले.”

“जहाँपनाह! मैं आपका नौकर हूँ. बैंगन का नहीं.” बीरबल ने तपाक से उत्तर दिया.  


अकबर ने बीरबल से कहा – इस दीवार पर कुछ ऐसा लिखो कि ख़ुशी में पढूं, तो दुःख हो और दुःख में पढूं, तो ख़ुशी हो.

बीरबल ने दीवार पर लिखा – ये वक़्त गुजर जायेगा।


अकबर ने बीरबल से कहा – क्या बात है आजकल तुम्हारी पत्नी चुप रहती है 

बारबल– दरअसल एक दिन जब हम दोनों फोटो खिंचवा रहे थे तो फोटोग्राफर ने मेरी पत्नी से कह दिया कि जब आप चुप रहती हैं तो एकदम राजकुमारी लगती हो।


अकबर– कितनी बुरी बात है बीरबल कि तुम अपनी बीवी से मार खाकर भी मुस्कुरा रहे हो ? 

बीरबल– महाराज आप ही तो कहते हैं कि मुसीबत का सामना हंस कर करना चाहिए।



सेवक आज्ञा पाकर चल तो दिया परन्तु अचानक उसे याद आया कि बुलाना किसको हैं, यह तो उसने पूछा ही नहीं और न ही बादशाह ने किसी का नाम लिया था परन्तु अब काफी देर हो चुकी थी और इतनी हिम्मत भी न थी कि बादशाह से यह पूछ सके कि बुलाना किसको हैं। अब करें तो क्या करें, आज्ञा का पालन करना हैं लेकिन आज्ञा क्या हैं यह मालूम नहीं। तभी उसको याद आया कि बीरबल ही इस असमंजस से बाहर निकाल सकता हैं।

वह सेवक बीरबल के पास गया और सारी बात बताई और कहा अब आप ही बताइए मैं किसे बुलाऊ?

बीरबल ने पूछा -” जहाँपनाह उस समय क्या कर रहें थे”

“हुजुर, जहाँपनाह उस समय नहाने की तैयारी कर रहे थे”- सेवक ने जबाब दिया।

“ठीक हैं तो नाई को जहाँपनाह के पास भेज दो” – बीरबल ने मुस्कुराते हुए कहा।

सेवक ने वैसा ही किया और अकबर के पास नाई को भेज दिया।

अकबर बहुत खुश हुआ और सेवक से पूछा तुमको कैसे पता चला कि मुझे नाई की जरुरत थी तुम तो मुझसे पूछ कर भी नहीं गए थे। सेवक ने बता दिया कि उसने बीरबल की मदद ली थी। बीरबल की चतुराई पर अकबर मुस्करा दियें।

अकबर और बीरबल के बढ़िया चुटकुले 

अकबर और बीरबल के किस्से तो आप सभी ने सुने ही होंगे, बीरबल की हाज़िरजबाबी का अकबर कायल था। अकबर कई बार बहुत ही उलटे-उलटे और अजीब से सवाल पूछ लेता था, लेकिन बीरबल अपनी बुद्दिमता से सबके जबाब दे देता था।


बीरबल के पास हर किसी सवाल का जबाब था।

अकबर विनोदप्रिय था और उसके दरबार में हंसी-मजाक चलता रहता था, अकबर जैसे सवाल पूछता था उसे उसी ढ़ंग में बीरबल जबाब दे देता था, ऐसी ही कुछ रोचक अकबर-बीरबल से जुडी सवालो वाली कहानियां मैं आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ और आशा करता हूँ कि आपके पसंद आएगी।अकबर बीरबल से– बताओ मैं किस दिन मरूंगा? 


अकबर समाचार पत्र पढ़ते हुए – बीरबल इस लेखक का शीर्षक भी विचित्र है “स्त्रियों की बातचीत” 

बीरबल– इसमें आश्चर्य क्या है ? 

अकबर– आश्चर्य की बात ये है कि ये लेख केवल आधे पेज का है।


एक दिन अकबर और बीरबल हमेशा की तरह नगर भ्रमण पर निकले. रास्ते में अकबर को एक कुत्ता बासी और जली हुई रोटी खाते हुए दिखाई दिया. यह देख अकबर ने बीरबल का मजाक उड़ाते हुए कहा, “देखो तो, कुत्ता कैसे काली को खा रहा है.” यहाँ अकबर का इशारा जली-काली रोटी की तरफ़ नहीं था, बल्कि बीरबल की माँ की तरफ़ था, जिनका नाम ‘काली’ था.


बीरबल को ये बात कुछ चुभी, इसलिए वो भी चुप नहीं रहा और बोला, “अरे हुज़ूर! उसके लिए तो वही नियामत है.”

‘नियामत’ अकबर की माँ का नाम था. बीरबल का दो टूक जवाब सुनकर अकबर की बोलती फिर बंद हो गई


एक बार अकबर बीरबल से बोला –

वादा करो बीरबल, कि तेरी शादी होगी तो

तेरी बीबी को पहले kiss मैं करूँगा !!

बीरबल :- बिल्कुल हुजूर, पर मेरी भी एक शर्त है !!

अकबर :- बोलो क्या शर्त है ??

बीरबल :- शादी मैं आपकी बहन से करूंगा 



अकबर : बीरबल, हम अनारकली को क्यों नहीं दूंढ पा रहे हैं?

बीरबल : क्योंकि आप मुग़ल है, गूगल नहीं!!


अकबर- बीरबल मैं बड़ी कश्मकश में हूं...

बीरबल- क्या महाराज?

अकबर- शरीर कहता है व्यायाम छोड़ दूं,

आत्मा को जलेबी और समोसे पसंद है, क्या करूं ?

बीरबल- शरीर तो नश्वर है,आत्मा की बात मानिए...


एक दिन बादशाह अकबर ने कागज पर पैन्सिल से एक लंबी लकीर खींची

...और बीरबल को बुला कर कहा- 

बीरबल कुछ ऐसा करो कि न तो यह लकीर घटाई जाए और न ही मिटाई जाए,

लेकिन छोटी हो जाए?

बीरबल ने फौरन उस लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पहली से बड़ी खींच दी,

बीरबल बोले- अब आप की लकीर इससे छोटी हो गई... 


अकबर- बीरबल मुझे बताओ, अपने स्टाफ में सबसे

ज्यादा काम करने वाले को कैसे पहचानोगे ??

बीरबल - महाराज मैं सबको बुला लेता हूं ,फिर बताता हूं... 

बीरबल सबको बुलाता है और एक का हाथ पकड़ के

कहता है - महाराज यही है वो !

अकबर - तुमने कैसे पहचाना इसको ??

बीरबल - महाराज ! मैंने इसका मोबाइल चेक किया है अभी

इसके मोबाइल कि बैटरी 98 % है... 


अकबर ने बीरबल से तीन नए सवाल पूछे 

और कहा तीनों का जवाब एक होना चाहिए,

पहला सवाल- दूध क्यों उफन जाता है?

दूसरा सवाल- पानी क्यों बह जाता है?

तीसरा सवाल- सब्जी क्यों जल जाती है?

बीरबल ने जवाब दिया-

व्हाट्सएप चालू होने की वजह से..


चुटकुले (Jokes in Hindi) एक ऐसी चीज़ है, जो सदियों से हंसने और हंसाने के काम आती है। लोगों को हमेशा से ही मजेदार चुटकुले (Majedar Chutkule in Hindi) सुनने में आनंद आता रहा है। इन्हीं में से एक हैं अकबर बीरबल के चुटकुले। पति-पत्नी जोक्स (Husband Wife Jokes in Hindi) की तरह लोगों को अकबर बीरबल के चुटकुले पढ़ने में हमेशा से मज़ा आता रहा है। हम यहां आपके लिए एक से बढ़कर एक अकबर बीरबल जोक्स लेकर आये हैं। गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड जोक्सबीरबल को अकबर ने एक मंत्री (मंत्री) के रूप में नियुक्त किया था और लगभग 1556-1562 में कवि और गायक हुआ करते थे। उनका सम्राट अकबर के साथ घनिष्ठ संबंध था और वह उनके सबसे महत्वपूर्ण दरबारियों में से एक थे, जो नवरत्नों नामक समूह का हिस्सा थे। पढ़िए अकबर-बीरबल जोक्स ( akbar aur birbal ke chutkule)। टीचर और छात्र के चुटकुले


अकबर ने बीरबल से तीन नए सवाल पूछे 

और कहा तीनों का जवाब एक होना चाहिए,

पहला सवाल- दूध क्यों उफन जाता है?

दूसरा सवाल- पानी क्यों बह जाता है?

तीसरा सवाल- सब्जी क्यों जल जाती है?

बीरबल ने जवाब दिया-

व्हाट्सएप चालू होने की वजह से…


एक दिन अकबर और बीरबल हमेशा की तरह नगर भ्रमण पर निकले. रास्ते में अकबर को एक कुत्ता बासी और जली हुई रोटी खाते हुए दिखाई दिया. यह देख अकबर ने बीरबल का मजाक उड़ाते हुए कहा, “देखो तो, कुत्ता कैसे काली को खा रहा है.” यहाँ अकबर का इशारा जली-काली रोटी की तरफ़ नहीं था, बल्कि बीरबल की माँ की तरफ़ था, जिनका नाम ‘काली’ था.बीरबल को ये बात कुछ चुभी, इसलिए वो भी चुप नहीं रहा और बोला, “अरे हुज़ूर! उसके लिए तो वही नियामत है.”

‘नियामत’ अकबर की माँ का नाम था. बीरबल का दो टूक जवाब सुनकर अकबर की बोलती फिर बंद हो गई.


एक बार अकबर बीरबल से बोला –

वादा करो बीरबल, कि तेरी शादी होगी तो

तेरी बीबी को पहले kiss मैं करूँगा !!

बीरबल :- बिल्कुल हुजूर, पर मेरी भी एक शर्त है !

अकबर :- बोलो क्या शर्त है ??

बीरबल :- मैं शादी आपकी बहन से ही करूँगा !!

अकबर निरुत्तर,खामोश 


अकबर- बीरबल मुझे बताओ, अपने स्टाफ में सबसे

ज्यादा काम करने वाले को कैसे पहचानोगे ??

बीरबल – महाराज मैं सबको बुला लेता हूं ,फिर बताता हूं… 

बीरबल सबको बुलाता है और एक का हाथ पकड़ के

कहता है – महाराज यही है वो !

अकबर – तुमने कैसे पहचाना इसको ??

बीरबल – महाराज ! मैंने इसका मोबाइल चेक किया है अभी

इसके मोबाइल कि बैटरी 98 % है… 


रोज़े के दौरान एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल! कोई ऐसा तरीका बताओ कि मैं खाऊँ-पियूं भी और मेरा रोज़ा भी ना टूटे.बीरबल ने कहा, “हुज़ूर! आप लोगों के लात-घूंसे खाइये और अपना गुस्सा पी लीजिये. आपका सब कुछ टूटेगा, किंतु रोज़ा नहीं.”अकबर ये सोचते रह गए कि उन्होंने बीरबल से ये सवाल पूछा ही क्यों.


एक दिन एक मुखबिर ने बादशाह को बताया कि

” सरकार बिलकुल आपकी शक्ल का एक धोबी

आपके नगर में रहता है “—

बादशाह ने आदेश दिया कि

उसे दरबार में पेश किया जाये —

धोबी दरबार में हाजिर हुआ —

बादशाह धोबी को देखकर मुस्कुराया और पूछा —

“ क्या पहले कभी तुम्हारी माँ इस दरबार में काम करती थी —??”

धोबी :- नहीं सरकार —अब्बा हुजूर करते थे —-!!

“दरबार में सन्नाटा “



एक बार अकबर को मसखरी सूझी और उन्होंने बीरबल के जूते छिपवा दिये. बीरबल जब घर जाने को हुआ और उसे अपने जूते नहीं मिले, तो वह कुछ परेशान हो गया. तब अकबर ने बीरबल की चुटकी लेते हुए सेवकों हुए कहा, “बीरबल को दो जूते दिए जायें.”बीरबल अकबर की टांग खिंचाई की आदत से वाकिफ़ था. वह अकबर के व्यंग्य बाण का अर्थ समझ गया. जब उसे जूते लाकर दिए गए, तो मुस्कुराते हुए वह बड़े ही अदब से बोला, “जहाँपनाह! आपने मुझे दो जूते दिए, भगवान आपको ऐसे हजारों जूते दे.” इतना कहकर वह वहाँ से निकल गया. इधर अकबर बीरबल के कही बात का मतलब निकालते रह गए.    


एक बार अकबर-बीरबल कुछ जरूरी बात कर रहे थे,

तभी बीरबल को छींक आ गई ,

अकबर ने कहा- बीरबल बहुत बड़े बेहूदे इंसान हो… 

बीरबल- हुजूर, आपसे बड़ा कभी न हो सकूंगा 



अकबर : बीरबल, हम अनारकली को क्यों नहीं दूंढ पा रहे हैं?

बीरबल : क्योंकि आप मुग़ल है, गूगल नहीं!!


एक दिन बादशाह अकबर ने कागज पर पैन्सिल से एक लंबी लकीर खींची

…और बीरबल को बुला कर कहा- 

बीरबल कुछ ऐसा करो कि न तो यह लकीर घटाई जाए और न ही मिटाई जाए,

लेकिन छोटी हो जाए

बीरबल ने फौरन उस लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पहली से बड़ी खींच दी,

बीरबल बोले- अब आप की लकीर इससे छोटी हो गई… 


Akbar Birbal Jokes Hindi – अकबर बीरबल जोक्स 

स्थानीय लोक कथाएं मुख्य रूप से 19वीं शताब्दी में उभरीं, जिसमें अकबर के साथ बीरबल की बातचीत शामिल थी, जिसमें बीरबल बेहद चतुर और मजाकिया बताया गया था। हालांकि इन कहानियों का उल्लेख किसी भी आधिकारिक मुगल दस्तावेज़ में नहीं किया गया है। इसके बावजूद अकबर बीरबल के चुटकुले हमेशा से काफी लोकप्रिय रहे हैं। परीक्षा पर चुटकुले


Akbar Birbal Jokes Hindi

एक बार अकबर और बीरबल दावत पर गए. वहाँ उन्हें बैंगन की सब्जी परोसी गई. अकबर ने बैंगन की सब्जी खाकर कहा, “वाह! कितनी स्वादिष्ट सब्जी है.”

बीरबल भी बैंगन की सब्जी के तारीफ़ों के पुल बांधने लगे.

कुछ दिनों बाद अकबर और बीरबल एक दूसरी दावत पर गए. वहाँ भी उन्हें बैंगन की सब्जी परोसी गई, जिसे देख अकबर नाक-भौं सिकोड़ने लगे. तब बीरबल ने बैंगन की सब्जी की जमकर बुराई की.

यह देख अकबर ने कहा, “बीरबल! तुम तो बड़े चापलूस निकले.”

“जहाँपनाह! मैं आपका नौकर हूँ. बैंगन का नहीं.” बीरबल ने तपाक से उत्तर दिया. 


अकबर- बीरबल मैं बड़ी कश्मकश में हूं…

बीरबल- क्या महाराज?

अकबर- शरीर कहता है व्यायाम छोड़ दूं,

आत्मा को जलेबी और समोसे पसंद है, क्या करूं ?

बीरबल- शरीर तो नश्वर है,आत्मा की बात मानिए…


एक दिन अकबर बहुत ख़ुश था. उन्होंने जेल में कैद सभी कैदियों को रिहा करने का आदेश दे दिया.

जेल से सारे कैदी आज़ाद कर दिए गए. उन कैदियों में एक बूढ़ा कैदी भी थी.

अकबर ने पूछा, “तुम बड़े बुजुर्ग लग रहे हो. कब से कैद में हो?”

बूढ़े ने जवाब दिया, “हुज़ूर, मैं आपके पिता के समय से कैद हूँ.”

“इसे फिर से बंद कर दो. ये हमारे अब्बा हुज़ूर की आख़िरी निशानी है.” अकबर बोला.